2020 अपने साथ ले गया बॉलीवुड के माही को

ये साल जबसे आया है सिर्फ़ दुःखद खबरें ही सुनाने को मिली है। रविवार को फ़िल्मी जगत से ऐसी ख़बर सुनाने में आई जिसके बाद हर एक व्यक्ति हैरान है। मशहूर बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या कर ली। ये ख़बर जबसे आई है हर कोई इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहा है। सुशांत सिंह राजपूत ने मुंबई में अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। वे 34 साल के थे सुशांत बॉलीवुड के बेहद लोकप्रिय एक्टर थे। उनके कमरे के दरवाजे को जब तोड़ा गया तो रूम में सुशांत फांसी के फंदे से लटके पाए गए। अभी तक सुशांत की आत्महत्या की वजह सामने नहीं आई है लेकिन मुंबई पुलिस के सूत्रों का कहना है कि उनके फ्लैट से कुछ दवाइयां मिली है, जिससे लगता है कि वह पिछले कुछ महीनों से डिप्रेशन का इलाज करवा रहे थे। अभी तक उनके कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। सुशांत सिंह राजपूत ने अपने कमरे में हरे रंग के कपड़े से फंदा बनाया था, जिससे लटक कर उन्होंने आत्महत्या की। उनका शव कूपर अस्पताल लाया गया है, जहां कुछ ही देर में शव का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। सुशांत की मौत की खबर आते ही पूरा बॉलीवुड और उनके फैन्स सकते में आ गए। बांद्रा में जिस सोसायटी में सुशांत रहते थे, वहां बाहर भीड़ जमा हो गई है। कई अभिनेता, राजनेता और फैन्स सोशल मीडिया के माध्यम से सुशांत को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। गौरतलब है कि उनकी पूर्व मैनेजर 28 वर्षीय दिशा सलियन ने 8 जून को मलाड की एक इमारत से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। सुशांत सिंह राजपूत ने अपने करियर की शुरुआत टीवी एक्टर के तौर पर की थी। उन्होंने सबसे पहले ‘किस देश में है मेरा दिल’ नाम के धारावाहिक में काम किया था पर उन्हें पहचान एकता कपूर के धारावाहिक पवित्र रिश्ता से मिली। इसके बाद उनका फिल्मों का सफर शुरु हुआ था। वे फिल्म काय पो छे में लीड एक्टर के तौर पर नजर आए थे, और उनके अभिनय की तारीफ भी हुई थी। धोनी की बायोपिक सुशांत के लिए टर्निंग प्वॉइंट साबित हुई थी। इसके बाद वो शुद्ध देसी रोमांस, सोनचिड़िया और छिछोरे जैसी फिल्मों में नजर आ चुके थे। उनकी आखिरी फिल्म केदारनाथ थी जिसमें वे सारा अली खान के साथ दिखे थे। सुशांत की अपकमिंग फिल्म किजी और मैनी थी।

6691 करोड़ की 1844 शराब दुकानों की फिर होगी नीलामी

राज्य सरकार 6691 करोड़ रु. की 1884 देशी-विदेशी दुकानों की नीलामी करेगी। इसके टेंडर सिंगल ग्रुप सिस्टम के तहत होंगे। हालांकि इस पैटर्न से करीब 500 करोड़ रु. का नुकसान तय है। इस बीच आंशिक व्यवस्था में वर्तमान पॉलिसी (वर्ष 2020-21) पर रोजाना के हिसाब से सात-सात दिन शराब दुकान चलाने के लिए टेंडर निकालने के आदेश हुए है। आबकारी विभाग ने 9 जून से दुकानों को चलाना शुरू कर दिया है। अभी कुछ दिनों की व्यवस्था के लिए रोजाना के हिसाब से शराब दुकानों का ठेका देना प्रस्तावित किया गया है। यानी पुरानी नीति पर सात-सात दिन के लिए दुकानें ली जा सकेगी।

जहांगीराबाद में 1 ही परिवार के 17 सदस्य संक्रमित

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के सबसे बड़े हॉटस्पॉट जहांगीराबाद में आज बुधवार को 1 ही परिवार के 17 सदस्य कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में अब तक 380 कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। वर्तमान में यहां 70 कोरोना संक्रमित मरीज इलाजरत हैं।वहीं दूसरी और भोपाल के सी 21 मॉल में संचालित 108 एंबुलेंस सर्विस के 13 और कर्मचारी कोरोना संक्रमित मिले। इसके साथ 108 एंबुलेंस सर्विस में काम करने वाले संक्रमित कर्मचारियों की संख्या 19 हो गई। दो दिन पहले भी 6 कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव मिले थे। प्रियदर्शनी नगर में भी 8 की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है।मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज बुधवार को 78 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं।

अनलॉक होते ही मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग भूले लोग

प्रदेश में अनलॉक- 1 में ढील दिए जाने के बाद सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने के दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं। प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 10 हजार को पार कर गई है। भोपाल में आंकड़ा 2131 पर पहुंच गया है। राज्य में अब तक 427 मरीजों की मौत हो चुकी है। प्रदेश के जिलों में जिस तरह से संक्रमण फैल रहा है उससे हालत चिंताजनक होते जा रहे हैं। पूरे प्रदेश में बाजार खुलते ही भीड़ देखने को मिल रही है, इससे संक्रमण का खतरा और ज्यादा बढ़ गया है। यहां लोग बिना मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के घूम रहे हैं। सरकार द्वारा मास्क नहीं पहनने पर जुर्माने वसलूने के आदेश दिए गए हैं, लेकिन ये शहरों तक सीमित है। 9 जून से शुरू हुई 12वीं की परीक्षा में पहले दिन तो सोशल डिस्टेंसिंग देखने को मिली थी लेकिन दूसरे पेपर में परीक्षा केंद्रों पर नियमों का पालन कराने वाले शिक्षक गायब थे। कई केंद्रों से ऐसी तस्वीरे सामने आई हैं, जहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया गया। परीक्षा खत्म होने के बाद छात्र भीड़ के रूप में स्कूलों से बाहर निकले।

मौनसून में फैशन टिप्स से करें खुद को तैयार

मौसम चाहे जैसा भी हो, हर कोई अपने स्टाइल को मेंटेन रखना चाहता है। हालांकि, गर्मी और सर्दी के मौसम के मुकाबले बरसात के मौसम में स्टाइल को बरकार रखना थोड़ा चैलेंजिंग होता है। बारिश के सुहाने मौसम में भला कौन फैशन के कारण अपना मूड बिगाड़ना चाहेगा। इसलिए, बारिश के मौसम के हिसाब से खुद को तैयार करना बहुत जरूरी है। उमस से बचने के लिए परफेक्ट ड्रेस , कपड़ों को जल्दी सुखाना , फुटवियर्स को गीला होने से बचाना
बारिश के दिन में फैशनेबल बनने को लेकर ये चैलेंज आते हैं। आप इन बातों का ख्याल रखते हैं तो आसानी से मानसून में भी स्टाइलिश बन सकते हैं।
इसकी तैयारी आपको पहले ही कर लेनी चाहिए ताकि इस मौसम में बाकियों के मुकाबले ज्यादा अट्रैक्टिव दिख सकें। बरसात के सुहाने मौसम में खुद को हैंडसम बनाने के लिए मानसून फैशन टिप्स की मदद ले सकते हैं।

  • बरसात के मौसम के हिसाब से कैसी ड्रेस पहननी चाहिए? अगर मानसून के दौरान सही ड्रेस नहीं पहनते हैं, तो त्वचा की समस्या और उमस के कारण परेशान हो सकते हैं। मानसून में कपड़ों का सही चुनाव करें।
  • कॉटन और लिनन फैब्रिक के ड्रेस ही पहनें , स्लीव्स/ स्लीवलेस टी-शर्ट और प्रिंटेड शॉर्ट्स , ब्राइट कलर और फ्लोरल ड्रेस , कपड़ों से मेल खाता छाता , राउंड नेक टी-शर्ट , स्टाइलिश रेनकोट , इस तरह से आप बरसात के मौसम के हिसाब से ड्रेस चुन सकते हैं। इनसे आपको बेहतर लुक मिल सकता है। साथ ही आपको कुछ सावधानियां बरतनी होंगी।
  • डेनिम या मोटे फैब्रिक वाले ड्रेस ना पहनें, क्योंकि सूखने में बहुत टाइम लगेगा और गीला होने के बाद इनको पहने रहना बेहद मुश्किल हो जाता है। साथ ही पैंट या जींस को मोड़कर पहनें।
  • इसके अलावा सफेद रंग की ड्रेस पहनने से बचें क्योंकि भीगने के बाद शरीर के आरपार दिखाई देने लगता है। इसके अलावा आप अपने बैग में छोटा तौलिया या गमछा रख सकते हैं जो कि आपके काम आ सकता है।
  • बारिश के मौसम में सही फुटवियर्स नहीं पहनना परेशानी का सबब बन सकता है। लैदर के जूते-चप्पलों को भूलकर भी ना पहनें, क्योंकि गीले होने के बाद ये खराब हो सकते हैं और पैरों की त्वचा के लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं। इस दौरान फ्लिप-फ्लॉप, स्लीपर और रंग-बिरंगे कैनवस शूज आदि पहनें। इस मौसम में जूते कम से कम पहनें।
  • इन बातों का भी रखें ख्याल – गीले कपड़े या शूज ज्यादा देर तक ना पहनें , स्पोर्ट्स स्टाइल वॉच पहनें , गीले शॉक्स व अंडरगारमेंट्स ना पहनें
  • बारिश के मौसम में फैशन सिंपल होना चाहिए यानी कपड़े ऐसे पहनने चाहिए जो लहराएं नहीं वरना वे जल्दी गंदे हो जाएंगे. ऐसे में कैसा हो कपड़ों का चुनाव आइए, जानते हैं:
  • इन दिनों आप चाहें तो अपने वार्डरोब में लाल, पीला, हरा, नारंगी आदि रंग शामिल कर सकती हैं.
  • इस मौसम में इंडोवैस्टर्न लुक कैरी कर सकती हैं. कालेज गर्ल्स चाहें तो कैप्री व शौर्ट पैंट के साथ कलरफुल और स्टाइलिश टौप पहन सकती हैं.

बारिश में अच्छा खाना और सफाई ज़रूरी

बरसात के दिनों में स्वास्थ्य से लेकर रहन-सहन और खानपान में भी परिवर्तन और सतर्कता बेहद जरूरी है। विशेष तौर पर इस मौसम में डाइट का सही चयन आपकी सेहत को बरकरार रख सकता है। यह सही है कि बरसात का मौसम गर्मी से राहत प्रदान करता है, लेकिन इस मौसम में सजगता न बरतने पर विभिन्न प्रकार के संक्रमण, एलर्जी और खासकर पेट संबंधी समस्याएं हो जाती हैं। आयुर्वेद के अनुसार वर्षा ऋतु में प्रकृति अम्ल रस प्रधान रहती है और इस ऋतु में वात दोष का प्रकोप होता है, जबकि पित्त दोष एकत्रित होता है। शरीर में इस प्रकार की स्थिति पाचकाग्नि को कमजोर कर देती है और अनेक रोगों का कारण बन जाती है। ऐसे में खाने पीने में की गई लापरवाही जैसे-बासी भोजन, अधिक अम्लीय भोजन का सेवन, मिर्च मसाले एवं खट्टे पदार्थों का सेवन, गरिष्ठ भोजन रोगों को निमंत्रण देते है। ऐसे में बारिश के सीजन में खान-पान का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है।

  • तैलीय और चिकनाई युक्त खाद्य पदार्थों से भी परहेज करें। इससे आंतों से संबंधित समस्याएं उत्पन्न होने की आशंकाएं बढ़ जाती हैं।
  • बारिश में शरीर में वात यानी वायु की वृद्धि होती है, इसलिए हल्के व शीघ्र पचने वाले वाले व्यंजनों का ही सेवन करना चाहिए।
  • कटे हुए फलों और कटी हुई सब्जियों से परहेज करें, क्योंकि इनसे शरीर में संक्रमण उत्पन्न होने का खतरा बढ़ जाता है।
  • मौसमी फलों और सब्जियों को आहार में वरीयता दें।
  • शरीर के रोग प्रतिरोधक तंत्र को सशक्त करने के लिए विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थों को डाइट में वरीयता दें। जैसे नींबू और अन्य साइट्रस फल। ये फल विभिन्न प्रकार के संक्रमणों को रोकने में मददगार हैं।
  • पानी को दो मिनट उबाल लें फिर उसे ठंडा कर पीएं।