होंडा ने लाॅच की नई होंडा शाईन, मिलेगा अधिक माइलेज


होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर ने बीएस- 6 इंजन के साथ नई होंडा शाइन को भारतीय बाजार में लॉन्च कर दिया गया है। नई होंडा शाइन के लाॅचिंग के बाद कंपनी ने ये दावा किया है कि बीएस-6 अनुसरित होने की वजह से यह बाइक अब 14 प्रतिशत अधिक माइलेज प्रदान करेगी। इसकी कीमत कम्पनी ने 67,857 रुपये (एक्स शोरूम) रखी है। नई होंडा शाइन के साथ कम्पनी 6 साल का वारंटी भी दे रही है। इसकी फीचर्स की बात करें तो कंपनी ने नई शाइन में ड्रम व डिस्क ब्रेक दोनों का विकल्प दिया है। वहीं डिजाइन में भी फेर बदल करते हुए सामने की ओर क्रोम गार्निश वाल फ्रंट वाइजर लगाया है, साइड कवर पर भी क्रोम का इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा इसके मीटर को नया डिजाइन, डीसी हेडलैंप, स्मार्ट टेल लैंप व ब्लैक अलॉय व्हील जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं। यही नहीं बाइक की ग्राउंड क्लियरेंस, व्हीलबेस तथा सीट की लंबाई को भी कम्पनी ने बढ़ाया है। इंजन की बात करें तो नई होंडा शाइन में बीएस-6 अनुसरित 125 सीसी का इंजन लगा है जिसे 5 स्पीड गियरबॉक्स के साथ जोड़ा गया है। इस बाइक में फ्यूल इंजेक्शन तकनीक का उपयोग होने के अलावा कम्पनी ने इसमें नई एसीजी स्टार्टर मोटर को भी शामिल किया है, जो सैल्फ मारने पर इसे साइलेंट स्टार्ट होने में मदद करेगी। नई होंडा शाइन ग्राहकों के लिए दो वैरिएंट के साथ ही चार कलर ऑप्शन्स में उपलब्ध कराया गया है जिसमें ब्लैक, जेनी ग्रे मेटैलिक, रिबेल रेड मेटैलिक तथा एथलेटिक ब्लू मेटैलिक शामिल है।

एसबीआई ने फिर की फिक्स डिपाॅजिट की ब्याज दरों में कटौती


भारतीय स्टेट बैंक ने आम आदमी को झटका देते हुए खुदरा फिक्स डिपाॅजिट की दरों में कटौती की घोषणा की है। गौरतलब है कि बीते कुछ समय से बैंकों की ओर से रिटेल एफडी पर ब्याज दर में लगातार कटौती करने का सिलसिला जारी है। खासतौर पर सरकारी बैंक एसबीआई फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरों में लगातार कटौती कर रहा है। अब एसबीआई ने एक बार फिर एफडी की ब्याज दरें घटा दी हैं। बैंक ने 7 दिनों से 45 दिनों की मैच्योरिटी अवधि को छोड़कर सभी तरह की एफडी की ब्याज दरों में कटौती की है। एसबीआई की तरफ से जारी किए गए नई एफडी दरें 10 फरवरी से प्रभावी होंगी। इससे पहले भी एसबीआई  ने जनवरी एक साल के बीच मैच्योरिटी के लिए एफडी दरों में 15 प्लॉइन्टस (बीपीएस) की कटौती की थी। 46 दिनों से 179 दिनों में मैच्योरिटी होने वाली एफडी के लिए, एसबीआई ने ब्याज दर में 50 बीपीएस की कटौती की है, अब इन सेविंग्स पर 5 प्रतिशत की ब्याज दर मिलेगी। 180 दिनों से लेकर 210 दिनों तक और 211 दिनों से 1 साल से कम अवधि की मैच्योरिटी होने वाली एफडी के लिए एसबीआई 5.50प्रतिशत की दर पर ब्याज देगा। पहले एसबीआई इन डिपॉजिट पर 5.80 प्रतिशत ब्याज दे रहा था। बैंक ने 1 साल से 10 साल में मैच्योरिटी होने वाली डिपॉजिट पर 10 बीपीएस की ब्याज दर घटा दी है, ये डिपॉजिट जो पहले 6.10 प्रतिशत की दर से ब्याज देते थे अब नए प्लान के मुताबिर अब 6 प्रतिशत की दा से  ब्याज देंगे।
यहां जानें पूरी लिस्ट
7 दिन से 45 दिन 4.50
46 दिन से 179 दिन 5.00
180 दिन से 210 दिन 5.50
211 दिन से 1 वर्ष से कम 5.50
1 वर्ष से कम 2 वर्ष 6.00
2 साल से कम 3 साल 6.00
3 साल से 5 साल से कम 6.00
5 साल और 10 साल तक 6.00
तो वहीं 10 फरवरी से प्रभावी वरिष्ठ नागरिकों के लिए एसबीआई की नई एफडी की ब्याज दरें भी प्रभावित होंगी।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए एसबीआई नई एफडी की ब्याज दरें
7 दिन से 45 दिन 5.00 प्रतिशत
46 दिन से 179 दिन 5.50 प्रतिशत
180 दिन से 210 दिन 6.00 प्रतिशत
211 दिन से 1 वर्ष कम से कम 6.00 प्रतिशत
1 वर्ष से 2 वर्ष से कम 6.50 प्रतिशत
2 साल से कम 3 साल 6.50 प्रतिशत
3 साल से 5 साल से कम 6.50प्रतिशत
5 साल और 10 साल तक 6.50 प्रतिशत

सारे रिकाॅर्ड तोड़ सोना पहुंचा 40 हजार के पार

वैश्विक स्तर पर कीमती धातुओं में जारी उतार चढ़ाव के बीच घरेलु स्तर पर डाॅलर की तुलना में रुपए के कमजोर होने के दबाव में सर्राफा बाजार में सोना पहली बार 40 हजार रुपए प्रति दस ग्राम के रिकाॅर्ड स्तर पर पहुंच गया है तो वहीें चांदी भी उछलकर 49,050 प्रति किलाग्राम पर पहुंच गई है।
बता दें कि पिछले कई महीने से सोने की कीमत में तेजी का दौर जारी है। सिर्फ 18 महीनों में सोना 10 हजार रुपये से अधिक महंगा हुआ है। अगस्त 2018 में सोने की कीमत 30,335 रुपये प्रति दस ग्राम थी। इसी तरह फरवरी 2018 में सोने की कीमत 30,080 प्रति दस ग्राम के स्तर पर थी। अगर प्रतिशत के हिसाब से देखें तो अब तक सोने की कीमत में 33 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है। 
भारत में सोने के भाव बढ़ने की सबसे बड़ी वजह सरकार का फैसला है। दरअसल, बीते जुलाई महीने में आम बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोने पर आयात शुल्क को 10 फीसदी से बढ़ाकर 12.5 फीसदी कर दिया है। आयात शुल्क बढ़ने की वजह से सोने का कारोबार तेजी से घटा है। गौरतलब है कि भारत गोल्ड का बहुत बड़ा आयातक है। इसके अलावा आम बजट के बाद से भारतीय शेयर बाजार की सेहत बिगड़ती जा रही है। बीते मई महीने में लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद 40 हजार के आंकड़े को पार करने वाला सेंसेक्स मौजूदा वक्त में 37 हजार पर जबकि निफ्टी भी 12 हजार से लुढ़क कर 10 हजार 700 के स्तर तक आ गया है। शेयर बाजार की बिगड़ती हालत देखकर निवेशक सोने पर दांव लगा रहे हैं। इससे कीमत में बढ़ोतरी हो रही है। इसके अलावा विशेषज्ञ ग्लोबल फैक्टर भी इसका जिम्मेदार बता रहे है। आर्थिक मंदी की आहट के बीच दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों द्वारा सोने में निवेश किया जा रहा है। दरअसल, सेंट्रल बैंक सोने में निवेश के जरिए देश की अर्थव्यवस्था के खतरे को टालने की कोशिश करते हैं। इन हालातों की वजह से इसकी डिमांड बढ़ने से सोने की कीमत में तेजी आई है। 

एसबीआई ने दिए ग्राहकों को तीन बड़े तोहफे

देश का सबसे बड़ा बैंक भारतीय स्टेट बैंक इस त्योहारी सीजन में अपने ग्राहकों के लिए बड़ी खुशियां और कई तरह के ऑफर्स लेकर आया है। ग्राहकों को इस त्योहारी सीजन में बिना झंझट के आकर्षक और सस्ते लोन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा, लोन पर प्रोसेसिंग फीस नहीं ली जाएगी, प्री-अप्रूव्ड डिजिटल लोन की सुविधा दी जाएगी और ब्याज दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं किए जाने जैसे ऑफर्स भी दिए जाएंगे। एसबीआई ने कार लोन की प्रोसेसिंग फीस माफ कर दी है। ग्राहकों को 8.70 फीसद जितनी कम दर पर कार लोन ऑफर किए जा रहे हैं। इसकी ब्याज दरों में इजाफा भी नहीं किया जाएगा। जो ग्राहक बैंक के डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे योनो या बैंक की वेबसाइट के जरिए आवेदन करेंगे उन्हें बैंक ब्याज दरों में चैथाई फीसद की अतिरिक्त छूट देगा। वेतनभोगी ग्राहक कार की ऑन रोड कीमत का 90 फीसद तक लोन ले सकते हैं।अप्रैल 2019 से अब तक बैंक होम लोन की ब्याज दरों में 0.35 फीसद की कटौती कर चुका है। अभी एसबीआई के होम लोन की दरें सबसे कम 8.05 (रेपो रेट लिंक्ड होम लोन) हैं। यह ब्याज दर सभी मौजूदा और 1 सितंबर से नय होम लेने वाले ग्राहकों पर लागू होगा। इसके अलावा फेस्टिव सीजन के मौके पर 20 लाख रुपये तक का पर्सनल लोन दे रहा है. बैंक इसके लिए 10.75 फीसदी की दर से ब्याज वसूलेगा। वहीं एसबीआई ने री-पेमेंट टेन्योर बढ़ाकर 6 साल कर दिया है. इस फैसले से ग्राहकों पर ईएमआई का बोझ कम आएगा।एसबीआई इस त्योहार सीजन में छात्र-छात्राओं के लिए भी सस्ता एजुकेशन लोन ऑफर कर रहा है। देश में पढ़ाई के लिए 50 लाख रुपये तक और विदेश में पढ़ाई के लिए 1.50 करोड़ रुपये तक का लोन 8.25 फीसदी की दर से दे रहा है। इस एजुकेशन लोन का रीपेमेंट 15 साल की अवधि तक किया जा सकता है।  

आरबीआई ने की कटौती, सस्ती होगी एएमआई…

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से एक बार फिर रेपो रेट में कटौती की गई है। आरबीआई के इस फैसले से आम आदमी को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के नतीजों का ऐलान हो गया है। इस बैठक में आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए रेपो रेट में 35 बेसिस प्वाइंट की कटौती का फैसला लिया गया है। इस कटौती के बाद रेपो रेट 5.40 फीसदी पर आ गया है। इससे पहले रेपो रेट की दर 5.75 फीसदी थी। बता दें कि रेपो रेट कम होने के बाद बैंकों पर होम और ऑटो लोन पर ब्याज दर कम करने का दबाव बढ़ेगा। आरबीआई की ओर से रिवर्स रेपो रेट में भी कटौती की गई है। रिवर्स रेपो रेट घटकर अब 5.15 फीसदी हो गया है। पहले यह दर 5.50 फीसदी थी। रिवर्स रेपो रेट वह दर होती है जिस पर बैंकों को उनकी ओर से आरबीआई में जमा धन पर ब्याज मिलता है।आरबीआई के इस फैसले का फायदा उन लोगों को मिलेगा जिनकी होम या ऑटो लोन की ईएमआई चल रही है। दरअसल, आरबीआई के रेपो रेट कटौती के बाद बैंकों पर ब्याज दर कम करने का दबाव बनेगा। बता दें कि आरबीआई के लगातार रेपो रेट घटाने के बाद भी बैंकों ने उम्मीद के मुताबिक ग्राहकों तक फायदा नहीं पहुंचाया है। यही वजह है कि हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों से रेपो दर में कटौती का लाभ कर्जदारों को देने को कहा था। रिजर्व बैंक के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब गवर्नर की नियुक्ति के बाद से लगातार चार बार रेपो रेट में कमी आई है।