कहीं आपका बच्चा बाल मधुमेही तो नहीं है

भोपाल। यदि आपके बच्चे को पेशाब ज्यादा आ रही है… प्यास ज्यादा लगती है… वजन कम हो रहा है… सुस्त रहता है  या फिर अचानक बेहोशी की स्थिति हो जाती है… तो सावधान हो जाईए… यह बच्चा बाल मधुमेही हो सकता है जिसका इलाज कराना बेहद जरूरी है। बच्चों में पनप रही इस बेहद गंभीर और टाईप 1 वाली डायबिटीज को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाने तथा ऐसे बच्चों का इलाज करने के लिए राजधानी भोपाल के मानस भवन में बाल मधुमेह शिविर का आयोजन किया जा रहा है। प्रसिद्ध इंडोक्राईनोलाॅजिस्ट डाॅ सुशील जिंदल और डाक्टर शचिन गुप्ता 10 नवंबर को लगने वाले इस शिविर में ऐसे बच्चों को सलाह और ईलाज मुहैया करवाएंगे। डाॅ सुशील जिंदल ने जानकारी देते हुए बताया कि आजकल डायबिटीज से पीड़ित हर 10 में से एक बच्चा बाल मधुमेह वाली इस टाईप 1 डायबिटीज से ग्रसित पाया जा रहा है जिसका ईलाज सिर्फ और सिर्फ ताजिंदगी इंसुलिन के इंजेक्शन ही हैं। ऐसे बच्चों की इंसुलिन की ग्रंथि ही नष्ट हो जाती है और उन्हें जीवन भर इंजेक्शन से इंसुलिन लेकर जीवन बचाना पड़ता है। बाल मधुमेह से पीड़ित ऐसे लगभग सौ बच्चे इस शिविर का हिस्सा होंगे साथ ही हर वह व्यक्ति जिनके बच्चों में इस तरह के लक्षण दिखाई दे रहे हैं वह 10 नवंबर को सुबह 10 से शाम 4 बजे तक आयोजित इस शिविर में भाग ले सकता है। 

संवेदनशीलता से हो किसानों के नुकसान का आंकलन: लालजी टंडन

मध्यप्रदेश में इस बार मानसून में सामान्य से अधिक बारिश होने पर सोयाबीन और अन्य फसलों को काफी नुकसान पहंुचा है।  इसी विषय को लेकर अंतर मंत्रालयीन केन्द्रीय दल ने हाल हीं में राज्यपाल लालजी टंडन से राजभवन में मुलाकात की। इस मुलाकात में राज्यपाल लालजी टंडन ने प्रदेश में अतिवृष्टि से हुई फसल की क्षति के आंकलन के लिए प्रदेश प्रवास पर आये अंतर मंत्रालयीन केन्द्रीय दल से कहा कि प्रदेश के अतिवृष्टि पीड़ित किसानों और गरीबों के प्रति संवेदनशील नजरिये के साथ उनके साथ हुई क्षति का अध्ययन किया जाए। क्षति का आंकलन उदार और व्यावहारिक दृष्टिकोण के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अतिवृष्टि से सोयाबीन और अन्य फसलों को काफी हानि पहुची हैं। प्रदेश के बड़े भू-भाग में सोयाबीन फसल का उत्पादन होता है। अतिवृष्टि से सोयाबीन के साथ हीं मूंग, उड़द, कपास आदि फसलों को काफी नुकसान हुआ है। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश की कृषि अर्थ-व्यवस्था में सोयाबीन का बड़ा योगदान है। फसल की क्षति से ग्रामीण अर्थ-व्यवस्था पर बहुत प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने केन्द्रीय दल से अपेक्षा की कि फसल क्षति से प्रभावितों को उचित राहत मिले। केन्द्र सरकार द्वारा दी जाने वाली आपदा राहत अधिकतम हो। केन्द्रीय दल द्वारा इस दिशा में सकारात्मक पहल की जाए।

जननी की कोख बचाने निकल पड़ी 45 जननी

प्रदेश भर में प्रसूताओं को सुरक्षित प्रसव के लिए अस्पताल तक पहुंचाने की योजना को कारगर करती सरकार की जननी एक्सप्रेस एम्बुलेंस बेड़े में 45 नयी जननी शामिल हो गयी हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंगलवार 15 अक्टूबर को भोपाल के लाल परेड स्टेडियम से इन 45 जननी एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आम आदमी की बुनियादी सुविधाओं में निरंतर वृद्धि हो, जिससे वह एक सुरक्षित और सम्मानित जीवन जी सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि प्रदेश में नागरिकों को हर सुविधा मिले। एक ऐसा वातावरण प्रदेश में बने, जिसमें हर वर्ग खुश रहे और हमारा प्रदेश खुशहाल बने। श्री कमल नाथ ने कहा कि 108 जननी एंबुलेंस में पुराने वाहनों को बदला जाना इसी कड़ी में एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि नई एंबुलेंस वाहन शुरू होने से सुदूर अंचलों में रहने वाले लोगों को सुचारू रूप से समय पर इलाज मिल सकेगा।वर्तमान में प्रदेश के 51 जिलों में 737 संजीवनी 108 जननी एंबुलेंस वाहन संचालित हैं। इनमें से 2.5 लाख किलोमीटर चल चुके अथवा 5 वर्ष से अधिक पुराने हो चुके वाहनों में से 50 वाहनों को नए वाहनों में बदलने की योजना है। जानकारी दी गई कि जननी एक्सप्रेस योजना में अप्रैल 2019 से सितंबर 2019 तक मात्र छरू माह में कुल 2 लाख 94 हजार 595 गर्भवती महिलाओं तथा 39 हजार 299 बीमार शिशुओं को उपचार के लिये समय पर घर से चिकित्सालय तक पहुँचाया गया। इसी प्रकार कुल 2 लाख 64 हजार 513 महिलाओं को प्रसव उपरान्त तथा 28 हजार 24 बीमार शिशुओं को अस्पताल से घर तक पहुंचाया गया। कुल 77 हजार 446 हितग्राहियों को एक अस्पताल से दूसरे उच्च स्वास्थ्य संस्थान तक पहुँचाया गया।

ऋचा के सुरों से महका भोपाल का शौर्य स्मारक

शौर्य स्मारक की तीसरी वर्षगांठ के अवसर पर संस्कृति विभाग और स्वराज संस्थान द्वारा सुरीला सफर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर प्लेबैंक सिंगर ऋचा शर्मा और उनके साथियों ने एक से बढ़कर एक संगीतमय प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को यादगार बना दिया। पूरा शौर्य स्मारक परिसर भक्ति, अध्यात्म और देशभक्ति के रंगों से सराबोर हो गया। ऋचा ने प्रोग्राम की शुरूआत गांधी जी के प्रिय भजन वैष्णव जन तो तेने कहिए से की। उसके बाद ऐ मेरे वतने के लोगों, दिल दिया है जां भी देंगे जैसे गीत सुनाकर सभी को देशभक्ति के जोश से भर दिया। इसी कड़ी में आगे छाप तिलक सब छीनी रे, सजदा तेरा सजदा, मेरे मौला करम हो करम, और माही वे जैसे गानों पर भी परफाॅर्मेंस दी। उन्होंने दमादम मस्त कलंदर गाने के साथ अपनी परफाॅर्मेंस का समापन किया। इस दौरान ऋचा के साथ मंच पर बैकिंग सिंगर के तौर पर पारस मान, की-बोर्ड पर उमंग जोशी और संकल्प श्रीवास्तव, गिटार पर कृष्ण प्रधान, बेस गिटार पर राहुल सिंह, तबले पर इश्तियाक खान, ड्रम पर ऋषिकेश और परकशन पर अरूण सोलंकी ने बखूबी साथ दिया। 

भोपाल को बड़ी सौगातः कमलनाथ ने किया मेट्रो रेल प्रोजेक्ट का शिलान्यास

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 11पंडितों की मौजूदगी में एमपी नगर गायत्री मंदिर के पास पूजा अर्चना और वैदिक मंत्रोउच्चार के बीच विधि विधान से भोपाल मेट्रो परियोजना का भूमि पूजन और शिलान्यास कर दिया है। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, मंत्री पीसी शर्मा, गोविंद सिंह, आरिफ अकील और जयवर्धन सिंह और पूर्व सांसद पीसी शर्मा मौजूद थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें बेहद खुशी है कि केवल भोपाल ही नहीं मध्यप्रदेश का भी इतिहास बनने जा रहा है। भोपाल राजा भोज की नगरी है इसलिए भोपाल मेट्रो का नाम भोज मेट्रो होगा। उन्होंने कहा 1991 में भोपाल में कोई सुख-सुविधाएं नहीं थीं। अपनी जवानी में हमने यहां गंदी लेक देखी थी। कोई सड़क यहां नहीं थी। मैं उस समय केंद्र में पर्यावरण मंत्री था तब मैंने भोपाल को संवारने के लिए पैसा दिया था। आज जब शान से लोग भोपाल की लेक दिखाते हैं तब मुझे अपनी जवानी याद आती है।
कमलनाथ ने पूर्व सीएम बाबूलाल गौर को भी याद किया। उन्होंने कहा कि मैं जब जयपुर गया था तब मैंने एमपी के तत्कालीन मंत्री बाबूलाल गौर को फोन कर बोला था भोपाल में मेट्रो चलवाएं। उन्होंने कहा कि मेट्रो के लिए जो भी पैसा आया है वो जब मैं केंद्र में मंत्री था तब का पैसा है। उन्होंने महापौर आलोक शर्मा से कहा कि दिल्ली जाकर मेट्रो के लिए पैसा लाएं। जितनी जल्दी पैसा आएगा उतनी जल्दी काम होगा।
आपको बता दें कि राजधानी भोपाल में चलने वाली मेट्रो रेल जयपुर की मेट्रो रेल जैसी ही होगी, लेकिन वहां 6 कोच की मेट्रो चलती है, यहां तीन कोच की मेट्रो चलेगी। शुरुआत भले तीन कोच की ट्रेन से होगी, लेकिन यात्रियों की संख्या बढ़ने पर कोच में इजाफा किया जाएगा। यात्रियों को स्टेशन पर ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा, उन्हें हर पांच मिनट में स्टेशन से मेट्रो रेल मिलेगी।  हर स्टेशन पर ट्रेन 30 सेकंड ही रुकेगी।

सबनीस बोले, देश की अर्थव्यवस्था संक्रमण के दौर में, वर्तमान स्थिति स्वाभाविक

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े आर्थिक संगठन अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के राष्ट्रीय संगठन मंत्री दिनकर सबनीस ने कहा कि यह ठीक है कि अंर्तराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने वित्तीय वर्ष 2019-20 में आर्थिक विकास की दर के आंकड़ों में सुधार कर कम किये हैं, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए कि देश की अर्थव्यवस्था अपने चिंताजनक दौर से गुजर रही है। वह आगे बोले, यह सही है कि विश्व में अर्थव्यवस्था की प्रचलित वर्तमान गणना, इसी तरह की जाती है और उसके अनुसार यह ठीक हो सकता है, लेकिन वास्तविकता में देश की अर्थव्यवस्था अपने संक्रमण दौर से गुजर रही है, इन स्थितियों में यह स्वाभाविक है, लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है। दिनकर भारत के आर्थिक विकास पर IMF द्वारा जारी रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया दे रहे थे।

उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान अर्थव्यवस्था में आंकड़े जो कुछ भी दिखाते हैं, वह समाज के बीच धरातल पर दिखाई नहीं देता। आर्थिक विकास की दर औसत आधारित है यह पूरे समाज की वास्तविक आर्थिक स्थिति को नहीं दर्शाती है। मुद्रा कोष की प्रतिक्रिया के विषय में उन्होंने कहा कि प्रचलित प्रक्रिया के अनुसार यह ठीक हो सकता है, लेकिन उन्होने सरकार की कार्पोरेट और पर्यावरण संबंधी नीतियों को इसके लिए जिम्मेदार बताया है। क्या हम सिर्फ कारपोरेट का विचार कर समाज की आर्थिक विसंगतियों को प्रश्रय नहीं देंगे और क्या सिर्फ कार्पोरेट के सहारे देश को बेरोजगारी से बचा पायेंगे।

सबनीस ने आश्चर्य व्यक्त किया कि मुद्रा कोष एमएसएमई क्षेत्र के बारे में कुछ नहीं बोला, जो देश को बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध कराता है। देश के संदर्भ में यह इतना महत्वपूर्ण है कि सरकार को इसके विकास के लिए नया मंत्रालय बनाना पड़ा। वर्तमान में यह क्षेत्र देश के कुल निर्यात का 50 प्रतिशत कर रहा है। अगर हमें समाज की आर्थिक स्थिति सुधारनी है, तो लीक से थोड़ा बहुत हटना भी पड़ेगा और इस तरह के वातावरण को भी झेलना पड़ेगा।

विदित हो कि अंर्तराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने गुरूवार को कहा कि भारत में आर्थिक विकास की दर आवश्यकता से काफी धीमी है। उसने इसके लिए कारपोरेट और पर्यावरण नियामकों की अनिश्चितता के साथ कुछ गैर-बैंक वित्तीय कंपनियों की कमजोर नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है।

IMF ने आगे कहा, फिर से हमारे सामने नये आंकड़े होंगे, लेकिन भारत का वर्तमान आर्थिक विकास अपेक्षा से बहुत अधिक धीमा है। इसका प्रमुख कारण कारपोरेट और पर्यावरण संबंधी नीतियों में अनिश्चितता है। कुछ गैर-बैंक वित्तीय कंपनियों की लचर नीतियां भी इसका एक कारण हैं, जिसकी वजह से विकास फिसल रहा है, आईएमएफ के प्रवक्ता गैरी राइस ने प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों से कहा।

आर्थिक विकास की दर पिछले सात वर्षों में अपने न्यूनतम 5 प्रतिशत पर अप्रैल से जून वाली तिमाही में है, यही विकास दर सरकारी आंकड़ों के अनुसार एक वर्ष पहले 8 प्रतिशत थी।

अंर्तराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत के संबंध में आर्थिक विकास दर संशोधित कर 0.3 प्रतिशत कम की है। अब उसका अनुमान है कि 2019-20 वित्तीय वर्ष में यह 7 प्रतिशत रहेगी। इसका कारण घरेलू मांग में अपेक्षा से अधिक कमजोरी है।

इसी तरह वित्तीय वर्ष 21 की आर्थिक विकास दर को भी पहले प्रकाशित रिपोर्टों में अनुमानित 7.5 प्रतिशत से घटाकर 7.2 प्रतिशत किया गया है।

इस मन्दी का बड़ा कारण निर्माण और कृषि क्षेत्र के उत्पादन में भारी गिरावट को माना गया है, सांख्यिकी और कार्यक्रम अनुपालन मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है।

इसके पूर्व 2012-13 में अप्रैल से जून की तिमाही में सबसे कम आर्थिक विकास दर 4.9 प्रतिशत दर्ज की गई थी। वैश्विक व्यापार में तनाव, व्यापार भावना में कमजोरी के साथ ही निजी निवेश और ग्राहकों की मांग में कमजोरी भी इसका कारण है।

भोपाल में दर्दनाक हादसाः गणेश विसर्जन के दौरान नाव पलटी, 11 लोगों की मौत

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अनंत चर्तुदशी के अवसर पर गणेश प्रतिमा विसर्जन करने के लिए खटलापुरा तालाब पर गए 11 लोगों की डूबने से मौत हो गई। नाव में कुल 19 लोग मौजूद थे। बताया जा रहा है कि गणेश विसर्जन के दौरान जिस नाव में मूर्ती विसर्जित करने के लिए उतारी थी वो नाव काफी छोटी थी जबकि मूर्ती काफी बड़ी थी मूर्ती को विसर्जन के लिए जैसे ही पानी में उतारा गया नाव एक ओर झुकने के साथ हीे पलट गई। और संतुलन खोने की वजह से ये दर्दनाक हादसा हो गया। अभी तक 11 शव बरामद किए जा चुके हैं। नौ लोगों को बचा लिया गया है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। लेकिन दो लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए गोताखोरों की टीम उतारी गई है। प्रत्यक्षदर्शीयों के अनुसार खटलापुरा तालाब में यह हादसा नाव पर अधिक लोगों के सवार होने के कारण हुआ।
 बता दें कि भोपाल के पिपलानी इलाके में चल रहे समारोह के बाद ये लोग गणेश प्रतिमा का विसर्जन करने के लिए घटनास्थल पर पहुंचे थे। मध्य प्रदेश के मंत्री पीसी शर्मा ने इस हादसे पर दुख जाहिर करते हुए कहा कि यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 13-13 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। वहीं घायलों को 50-50 रुपए की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी।

अभिलाषा सी बेटी है तो कल है सम्मान

भोपाल। राजधानी की युवा नृत्यांगना और संगीत शिक्षिका अभिलाषा तिवारी को इलाहाबाद की संस्था पूनम संत महिला एवं विकास समिति द्वारा नारी सशक्तिकरण के लिए आयोजित कार्यक्रम बेटी है तो कल है में सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान प्रदेश के पुलिस उप महानिदेशक कल्याण एवं लेखा श्री विजय कटारिया और संस्था की अध्यक्ष पूनम संत के हाथों गांधी भवन में प्रदान किया गया। इस अवसर पर जालंधर से आए प्रसिद्ध गायक पारस कपूर ने बेटी बचाओ अभियान से जुड़ी कुछ रंगारंग प्रस्तुतियां भी दीं। 

भोपाल- कबीर गायन

भोपाल- कबीर गायन
मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में गायन, वादन और नृत्य गतिविधियों पर केन्द्रित श्रंखला उत्तराधिकार में कबीर गायन और गोटीपुआ नृत्य की प्रस्तुति देखने लायक बन पड़ी। संग्रहालय के सभागार में कार्यक्रम की शुरूआत भैरूसिंह और साथी कलाकारों के कबीर गायन से हुई फिर सेबेन्द्र दास ने गोटीपुआ नृत्य पेश किया।
कबीर गायन और गोटीपुआ नृत्य एक ही मंच पर, एक ही दिन देखना दर्षकों के लिए अनूठा अनुभव लेकर आया। कार्यक्रम की शुरूआत कबीर गायन से हुई।

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