मौनसून में फैशन टिप्स से करें खुद को तैयार

मौसम चाहे जैसा भी हो, हर कोई अपने स्टाइल को मेंटेन रखना चाहता है। हालांकि, गर्मी और सर्दी के मौसम के मुकाबले बरसात के मौसम में स्टाइल को बरकार रखना थोड़ा चैलेंजिंग होता है। बारिश के सुहाने मौसम में भला कौन फैशन के कारण अपना मूड बिगाड़ना चाहेगा। इसलिए, बारिश के मौसम के हिसाब से खुद को तैयार करना बहुत जरूरी है। उमस से बचने के लिए परफेक्ट ड्रेस , कपड़ों को जल्दी सुखाना , फुटवियर्स को गीला होने से बचाना
बारिश के दिन में फैशनेबल बनने को लेकर ये चैलेंज आते हैं। आप इन बातों का ख्याल रखते हैं तो आसानी से मानसून में भी स्टाइलिश बन सकते हैं।
इसकी तैयारी आपको पहले ही कर लेनी चाहिए ताकि इस मौसम में बाकियों के मुकाबले ज्यादा अट्रैक्टिव दिख सकें। बरसात के सुहाने मौसम में खुद को हैंडसम बनाने के लिए मानसून फैशन टिप्स की मदद ले सकते हैं।

  • बरसात के मौसम के हिसाब से कैसी ड्रेस पहननी चाहिए? अगर मानसून के दौरान सही ड्रेस नहीं पहनते हैं, तो त्वचा की समस्या और उमस के कारण परेशान हो सकते हैं। मानसून में कपड़ों का सही चुनाव करें।
  • कॉटन और लिनन फैब्रिक के ड्रेस ही पहनें , स्लीव्स/ स्लीवलेस टी-शर्ट और प्रिंटेड शॉर्ट्स , ब्राइट कलर और फ्लोरल ड्रेस , कपड़ों से मेल खाता छाता , राउंड नेक टी-शर्ट , स्टाइलिश रेनकोट , इस तरह से आप बरसात के मौसम के हिसाब से ड्रेस चुन सकते हैं। इनसे आपको बेहतर लुक मिल सकता है। साथ ही आपको कुछ सावधानियां बरतनी होंगी।
  • डेनिम या मोटे फैब्रिक वाले ड्रेस ना पहनें, क्योंकि सूखने में बहुत टाइम लगेगा और गीला होने के बाद इनको पहने रहना बेहद मुश्किल हो जाता है। साथ ही पैंट या जींस को मोड़कर पहनें।
  • इसके अलावा सफेद रंग की ड्रेस पहनने से बचें क्योंकि भीगने के बाद शरीर के आरपार दिखाई देने लगता है। इसके अलावा आप अपने बैग में छोटा तौलिया या गमछा रख सकते हैं जो कि आपके काम आ सकता है।
  • बारिश के मौसम में सही फुटवियर्स नहीं पहनना परेशानी का सबब बन सकता है। लैदर के जूते-चप्पलों को भूलकर भी ना पहनें, क्योंकि गीले होने के बाद ये खराब हो सकते हैं और पैरों की त्वचा के लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं। इस दौरान फ्लिप-फ्लॉप, स्लीपर और रंग-बिरंगे कैनवस शूज आदि पहनें। इस मौसम में जूते कम से कम पहनें।
  • इन बातों का भी रखें ख्याल – गीले कपड़े या शूज ज्यादा देर तक ना पहनें , स्पोर्ट्स स्टाइल वॉच पहनें , गीले शॉक्स व अंडरगारमेंट्स ना पहनें
  • बारिश के मौसम में फैशन सिंपल होना चाहिए यानी कपड़े ऐसे पहनने चाहिए जो लहराएं नहीं वरना वे जल्दी गंदे हो जाएंगे. ऐसे में कैसा हो कपड़ों का चुनाव आइए, जानते हैं:
  • इन दिनों आप चाहें तो अपने वार्डरोब में लाल, पीला, हरा, नारंगी आदि रंग शामिल कर सकती हैं.
  • इस मौसम में इंडोवैस्टर्न लुक कैरी कर सकती हैं. कालेज गर्ल्स चाहें तो कैप्री व शौर्ट पैंट के साथ कलरफुल और स्टाइलिश टौप पहन सकती हैं.

WINTER FASHION क्रॉप स्वेटर से विंटर में मिलेगी स्टाइलिश लुक की इंस्पिरेशन

सर्दियों में अपने लुक को स्टाइलिश और ग्लैमरस दिखाना आसान नहीं होता। ऐसे में आप स्वेटर पहनने के कुछ हटकर आइडियाज ट्राय कर सकते हैं। ये डिजाइन्स या स्वेटर पहनने का अलग तरीका आपको सर्दियों में स्टाइलिश लुक पाने में मदद करेगा।
1 – सर्दियों में ऑफिस में क्या पहनें, अगर ये सोचकर परेशान हैं तो पलाजो या वाइड-लेग्ड पैंट केसाथ मैच करता हुआ स्वेटर पहनें। इससे आपका लुक सोबर नजर आएगा। हाई हील के अलावा बूट केसाथ भी ये स्टाइल सूट होता है। इसकेसाथ मिनिमल एसेसरीज पहनकर अपना लुक कंप्लीट कर सकती हैं।
2 – बेबी पिंक कलर का क्रॉप स्वेटर आप दिन केसमय कम गर्मी होने पर भी पहन सकती हैं। इसके साथ क्रॉप पैंट को टीमअप करें। स्मार्ट और एफर्टलेस विंटर लुक का ये पैटर्न कॉलेज गोइंग के बीच डिमांडिंग है। स्कार्फ केसाथ इसकी मोनोटोन स्टाइल आपको गॉर्जियस लुक देने में मदद करेगी।
3 – बेसिक, कूल और कैजुअल, इस लुक को डिफाइन करने केलिए स्वेटर का ओवरसाइज्ड स्टाइल परफेक्ट है। अपने वॉर्डरोब में इस तरह के स्वेटर को शामिल कर आप यकीनन सबसे अलग नजर आ सकती हैं। इसकेसाथ स्ट्राइप्ड पेंट आपको यूनिक लुक देने में मदद करेगी।
4 – लॉन्ग स्वेटर यानी स्वेटर कोट विंटर वियर का एक ऐसा विकल्प है जिसे मिडी ड्रेस से लेकर जींस, साड़ी या सूट केसाथ पहना जा सकता है। इससे आप अपनी स्टाइल में चार चांद लगा सकती हैं।
5 – बटन डाउन कॉलर्ड या बिना कालर वाले कार्डिगन मैक्सी ड्रेस के साथ सूट होते हैं। आप प्लेन या प्रिंटेड मैक्सी ड्रेस को कार्डिगन के साथ पहन सकती हैं। नाइट पार्टी में इसकेसाथ स्टाइलिश स्कार्फ कैरी करें या शॉल ओढ़कर अपने लुक को बढ़ाएं।

हर महिला छुपाती है अपने पति से ये 4 बातें

औरतो के बारे में आपने बहुत से मजाक है और के ये भी कि इन लड़कियों को भगवान भी नहीं समझ सकता है तो फिर हम तो इंसान है। आजकल लड़कियां लड़को से भले ही कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हो, पर कुछ बाते हैं, जिन्हें लड़कियां अपने पति से कभी नहीं शेयर करती हैं। तो जानते हैं कि आखिर आपकी पत्नी आपसे क्या छिपाती है?

1.अपनी सफलता का नहीं करती जिक्र – कामकाजी महिलाएं भले ही कितनी भी मार्डन होने का दावा न कर ले, लेकिन वो है तो एक भारतीय महिला ही है। जी हां, ऑफिस में मिली सफलताओं का जिक्र महिलाएं अपनी पति से नहीं करती हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि कहीं उनका पति उनसे खुद को छोटा न मानने लगे यानि उसकी इज्जत पर कोई आंच न आएं।

2.फिजिकल रिलेशनिशप – जी हां, महिलाएं कभी भी अपने पति के साथ यह शेयर नहीं करती हैं कि उन्हें फिजिकल होने में अच्छा लगता है या नहीं। अगर उन्हें बुरा भी लगता है तो भी आपकी खुशी के लिए हां कर देती हैं, लेकिन अपने दिल की बात वो कभी भी अपने जुबान पर लाने नहीं देती हैं। और इस बारे में वो अपनी खास दोस्त से ही बात करती हैं। ऐसे में आपको अपनी पत्नी से इस बारे में बात करना चाहिए।

3.बैंक अकाउंट – कामकाजी महिलाओं के पास एक ऐसा अकाउंट होता है, जिन्हे वो अपने पति से छिपाकर रखती हैं। जी हा, ऐसा वो इसलिए करती हैं कि ताकि कभी बुरा वक्त आए तो उन्हें अपने पति के सामने हाथ न फैलाना पड़े, वो घऱ को अच्छे से संभाल सके। बैंक अकाउंट को लेकर महिलाएं इसलिए भी नहीं बताती हैं, क्योंकि उन्हें खर्च के साथ सेंविग करना भी बहुत अच्छा लगता है। साथ ही वो अपने पति से अपने खर्चे के लिए कभी पैसे नहीं मांगना चाहती हैं।

4.सेहत को लेकर झूठ बोलना – महिलाएं अपने सेहत को लेकर भी पति से कुछ नहीं बताती हैं। जी हां, महिलाओं की अगर सेहत खराब भी होती है, तब भी वो अपने पति को पता नहीं चलने देती हैं। ऐसा वो इसलिए करती हैं क्योंकि वो नहीं चाहती है कि उनका पति दिन भर थक कर आए और घऱ पर भी परेशान हो, ऐसे में वो छोटी मोटी बाते छिपा लेती हैं। ऐसे में आपको अपनी पत्नी पर गुस्सा नहीं करना चाहिए, क्योंकि वो आपकी भलाई के लिए ही ऐसा काम करती हैं।

दिल्ली -कृषि मंत्री ने मांगा राज्यों का समर्थन

दिल्ली -कृषि मंत्री ने मांगा राज्यों का समर्थन
केन्द्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने किसानों तक सभी सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में राज्यों से समर्थन मांगा हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिलना चाहिए।कृषि क्षेत्र में नई चुनौतियां हैं और छोटे किसानों को मैदानी स्तर पर तकनीकी सहायता की जरूरत है, ताकि खेती की लागत कम हो सके। किसानों को अपने खेतों की मिट्टी की जांच नियमित रूप से करनी चाहिए। इस संबंध में जैविक खेती में तेजी लाने की जरूरत है। कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने सभी प्रदेषों के कृषि मंत्रियों से कहा है कि वे किसान हितैषी योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचाने के काम में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि ई-नेशनल एग्रीकल्चर मार्किट के जरिये कृषि मार्केटिंग को मजबूत किया जाए और कृषि निर्यात को बढ़ाया जाए।