इंस्टाग्राम किंग बने कोहली…


5 करोड़ फाॅलोअर्स वाले पहले भारतीय…
महज 31 साल की उम्र में ही लोकप्रियता के शिखर पर पहुंच चुके टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली दुनिया भर में क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज के तौर पर जाने जाते हैं। बात चाहे फिटनेस की हो या फिर क्रिकेट की हो कोहली कभी भी किसी चीज से समझौता नहीं करते। लेकिन कोहली के नाम इन दिनों खेल से मैदान हटकर एक और उपलब्धि दर्ज हो गई है। विराट कोहली पहले ऐसे भारतीय सेलिब्रिटी बन गए है जिनके इंस्टाग्राम पर 50 मिलिसन फाॅलोअर्स हो गए है। उन से पहले किसी भी भारतीय ने ये आकड़ा नहीं छुआ है। इंस्टाग्राम पर विराट के बाद दूसरी सबसे चर्चित भारतीय शख्सियत की बात करें तो यहां बॉलिवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा हैं, जिनके 49.9 मिलियन फॉलोअर्स हैं। इसके बाद दीपिका पादुकोण का नाम आता है, जो 44.1 फॉलोअर्स के साथ तीसरे स्थान पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस फोटो शेयरिंग वेबसाइट पर 34.5 मिलियन फॉलोअर्स हैं। दुनिया में सबसे अधिक इंस्टाग्राम फॉलोअर्स वाली प्रोफाइल की बात करें तो यहां फुटबॉल स्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो पहले स्थान पर हैं, जिनके 200 मिलयन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।
यही नहीं विराट कोहली बाजार के लिहाज से ब्रैंड वेल्यू के मामले में भी टॉप पर शुमार हैं। वे भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय सिलेब्रिटी चेहरे हैं। एक वैश्विक संस्था डफ ऐंड फेल्प्स के एक अध्ययन के अनुसार, विराट कोहली बीते 3 साल से ब्रैंड वेल्यू के आधार पर भारतीय बाजार में सबसे ज्यादा कमाई करने वाले शख्स हैं। साल 2019 में उन्होंने ब्रैंड्स के प्रमोशन से 237.5 मिलियन डॉलर (करीब 17 अरब रुपये) कमाए थे।

GANDHI JAYANTI महात्मा गाँधी की 150वीं जयंती

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने नागरिकों को दी बधाई और शुभकामनाएँ 

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने महात्मा गाँधी की 150वीं जयंती पर नागरिकों को बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री ने शुभकामना संदेश में कहा कि भारत को आज गाँधी दर्शन की सबसे ज्यादा जरूरत है। उन्होंने कहा कि महात्मा गाँधी ने सत्य, अहिंसा, शांति, सहिष्णुता और सर्वोदय जैसे मूल्यों को राजनीति में स्थापित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गाँधी जी ने सत्य और अहिंसा के अस्त्रों से भारत को आजादी दिलाई। आज गाँधी जी के सिद्धांत और विचार ज्यादा महत्वपूर्ण  हो गए हैं। दुनिया के कई देश गाँधीवादी दर्शन अपना रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने नागरिकों का आह्वान किया कि वे गाँधी जी के दर्शन को व्यवहार में लाएँ और नई पीढ़ी को गाँधी दर्शन से परिचित करवाएँ।

अब जनता नहीं, पार्षद चुनेंगे महापौर और परिषद अध्यक्ष..

मध्यप्रदेश के नगरीय चुनावों में महापौर और अध्यक्षों का प्रत्यक्ष चुनाव नहीं होगा। इस व्यवस्था के लागू हो जाने से अब महापौर और परिषद अध्यक्षों को चयन जनता नहीं पार्षद करेंगे। यह व्यवस्था ठीक उसी तरह से होगी जैसे विधायक मुख्यमंत्री का चुनाव करते हैं। पन्द्रह साल बाद सत्ता में आई कांग्रेस सरकार ने नगर निगमों और नगर पालिकाओं पर काबिज होने की तैयारियों के चलते ये बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इस प्रस्ताव के लागू होने से प्रदेश में 20 साल बाद जनता महापौर और परिषद अघ्यक्ष का चुनाव नहीं कर पाएगी। पहले पार्षद का चुनाव होगा और फिर पार्षद मिलकर उसी में से किसी एक पार्षद को महापौर और अध्यक्ष चुनेंगे।
केबिनेट के इस फैसले की जानकारी देते हुए जनसंर्पक मंत्री पीसी शर्मा ने बताया कि मध्यप्रदेश नगर निगम और नगर पालिका अधिनियम में बदलाव किया गया है। अब पार्षदों में से ही महापौर और अध्यक्ष का चुनाव होगा। उन्होंने बताया कि परिसीमन का काम भी चुनाव से दो महीने पहले पूरा हो जाएगा। इसके अलावा आपराधिक छवि वाले पार्षदों की अब खैर नहीं। दोषी पाए जाने पर 6 महीने की सजा के साथ ही 25 हजार के जुर्माने का प्रावधान को भी कैबिनेट ने मंजूर किया है।
सरकार के नगरीय निकाय एक्ट में बदलाव के फैसले का विरोध भी शुरू हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा है कि  महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष और नगर पंचायत अध्यक्ष को सीधे पार्षदों द्वारा चुनने का जो प्रस्ताव कांग्रेस लाई है, इससे जोड़-तोड़ और खरीद-फरोख्त के उसके कुत्सित प्रयास को बल मिलेगा। हम इसका विरोध करते है और मांग करते हैं कि जनता पूर्ववत महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष और नगर पंचायत के अध्यक्ष को चुने।

सतना में आईएसआई के लिए काम कर रहे पांच आरोपी गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के सतना जिले में क्राइंम ब्रांच ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम कर रहे पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक हिरासत में लिए गए कुल 5 लोगों में से पूछताछ के बाद 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके अलावा 2 संदिग्ध लोगों से अभी भी पूछताछ जारी है। बताया जा रहा है कि सुनील सिंह, बलराम सिंह और शुभम मिश्रा को गिरफ्तार करके एटीएस की टीम सतना से अपने साथ भोपाल ले गई है। वहीं भारवेंद्र सिंह और प्रदीप कुशवाहा से पूछताछ अभी भी जा रहा है कि आरोपी सतना में बैठ कर कई राज्यों में अपना नेटवर्क चला रहे थे। गौरतलब है कि गिरफ्तार आरोपियों में बलराम सिंह 2017 में भी टेरर फंडिंग मामले में गिरफ्तार हो चुका है। 
सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों के पास से फोन और लैपटॉप बरामद किया गया है। उनके पास 17 पाकिस्तानी नंबर भी मिले है। ये लोग आतंकियों के फंड मैनेजर से वीडियो-मैसेंजर कॉल और वॉट्सऐप चैटिंग करते थे। आशंका जताई जा रही है कि वो पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से बात करते थे। फिर बैंक खातों में पैसा जमा कराकर उसे आतंकियों तक पहुंचाते थे। बताया जा रहा है कि आरोपी बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ से जुड़े संदिग्ध लोगों को बैंक खातों और हवाला के जरिए कमीशन बेस पर पैसे ट्रांसफर करते थे।

BABULAL GAUR नहीं रहे बाबूलाल गौर

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल गौर का निधन हो गया है। उनके निधन से सत्ता के गलियारे में शोक की लहर छा गई है। गौर की सेहत पिछले कई दिनों से खराब चल रही थी। 7 अगस्त को उन्हें गंभीर हालत में भोपाल के नर्मदा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आपको बता देें कि पिछले महीने भी गौर को गुरुग्राम के मेदांता हास्पीटल में एंजियोप्लास्टी के लिए भर्ती कराया गया था जहां उनकी एंजियोप्लास्टी तो हुई लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार न होते देख उन्हें वापस भोपाल भेज दिया गया। इसके बाद बुधवार सुबह गौर ने हृदय गति रूकने की वजह से भोपाल के नर्मदा अस्पताल में अपनी अंतिम सांस ली। मध्यप्रदेश सरकार ने उनके निधन पर तीन दिवसीय शोक की घोषणा की है। 2 जून, 1930 को उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में जन्मे गौर, की छवि मध्यप्रदेश में एक शक्तिशाली और लोकप्रिय नेता के रूप में जानी जाती है। 
गौर का राजनीतिक सफर
बाबूलाल गौर शुरुआत में शराब की कंपनी में काम करते थे, लेकिन संघ के चलते उन्होंने शराब कंपनी की नौकरी छोड़कर कपड़े की मिल में काम करना शुरू कर दिया। इस दौरान वह ट्रेड यूनियन की गतिविधियों में शामिल रहे। 1956 में बाबूलाल गौर पार्षद का चुनाव लड़े और हार गए। 1972 आया में उन्हें जनसंघ की ओर से विधानसभा टिकट मिला और उन्होंने भोपाल की गोविन्दपुरा सीट से किस्मत आजमाई लेकिन गौर अपना पहला चुनाव हार गए। इसके खिलाफ उन्होंने कोर्ट में पिटीशन डाली। वह पिटीशन जीते तो 1974 में यहां दोबारा उपचुनाव कराए गए और इसमें बाबूलाल गौर को जीत मिली और इस तरह वह पहली बार विधानसभा पहुंचे। इसके बाद उन्होंने पलटकर नहीं देखा और सत्ता के शीर्ष मुकाम तक चढ़ते चले गए। बाबूलाल गौर 23 अगस्त 2004 से 29 नवंबर 2005 तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने 1977 में गोविन्दपुरा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और साल 2018 तक वहां से लगातार दस बार विधानसभा में रहे। 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले गोविंदपुरा सीट को लेकर वह अड़े हुए थे। 10 बार जीतने के बाद वह 11वीं बार भी इस सीट से टिकट चाहते थे। हालांकि अंतिम क्षणों में बीजेपी ने उनकी बहू कृष्णा गौर को टिकट दिया और चुनाव में जीत हासिल करते हुए बहू ने अपने ससुर की सियासी विरासत को संभाल लिया। 

राम मंदिर के लिए दूंगा, सोने की ईंट…

सुप्रीम कोर्ट बीते कई दिनों से नियमित रूप से अयोध्या मामले की सुनवाई कर रहा है। ऐसे में इस मामले में एक नया मोड़ आ गया है। अब मुगल वंश के अंतिम शासक बहादुर शाह जफर के वंशज हबीबुद्दीन तुसी ने कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर हीं बनना चाहिए। तुसी ने कहा है कि अगर एैसा होता है और मंदिर बनता है तो हम और हमारा परिवार हीं उसकी नींव की पहली ईंट रखेंगा और हम मंदिर निर्माण के लिए सोने की शिला दान में देंगे। हाल ही में तुसी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर उन्हें अयोध्या राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद केस का पक्षकार बनाने की भी मांग की थी। हालांकि तुसी की इस याचिका को कोर्ट ने अब तक स्वीकार नहीं किया। एक अखबार को दिए एक इंटरव्यू में तुसी ने कहा कि जिस जमीन को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है, उसके मालिकाना हक के कागज किसी और के पास नहीं हैं ऐसे में मुझे यह अधिकार है कि मैं मुगल वंश का वंशज होने की हैसियत से अदालत में अपनी बात रख सकूं। तुसी ने कहा कि मैं इस मामले में पर अपना विचार रखना चाहता हूं कि विवादित जमीन का मालिकाना हक किसे मिले और मेरी मांग है कि एक बार ही सही मुझे सुना जाना चाहिए। 
तुसी ने कहा कि 1529 में प्रथम मुगल शासक बाबर ने अपने सैनिकों को नमाज पढ़ने की जगह देने के लिए बाबरी मस्जिद का निर्माण कराया था। यह स्थान सिर्फ सैनिकों के लिए था और किसी के लिए नहीं। मैं इस बहस में नहीं पड़ना चाहता कि मस्जिद से पहले यहां क्या था, लेकिन अगर हिंदू उस स्थान को भगवान राम का जन्मस्थान मानकर उसमें आस्था रखते हैं तो एक सच्चे मुस्लिम की तरह मैं उनकी भावना का सम्मान करूंगा। इस सवाल पर कि क्या उनके पास जमीन के मालिकाना हक से जुड़े कोई दस्तावेज हैं, तुसी ने कहा कि उनके पास भले ही कोई कागज ना हो, लेकिन मुगल वंश के उत्तराधिकारी की हैसियत से वह इस जमीन के मालिकाना हक के अधिकारी कहे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें यह जमीन मिलती है तो वह इसे मंदिर निर्माण के लिए दान कर देंगे।

करंट मारेगी मप्र में बिजली….

भोपाल। मध्यप्रदेश में पहले से ही मंहगाई की मार झेल रहे लोगों को अब विद्युत नियामक आयोग ने भी जोरदार झटका दिया है। प्रदेश के लोगों को 1 सितंबर से बिजली के लिए ज्यादा दाम चुकाने हांेगे। बिजली कंपनियों ने आयोग को 12 फीसदी बिजली महंगी करने का प्रस्ताव दिया था जिसे आयोग ने घटाकर 7 फीसदी कर नई दरों को अपनी मंजूरी दे दी है। प्रदेश में घरेलू उपभोक्ताओं पर 5.1 फीसदी बिजली दरें बढ़ाई है वहीं गैर घरेलू बिजली दरों में 4.9 फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई। इस बढ़ोत्तरी के बाद अब हर स्लैब के उपभोक्ताओं को प्रति 15 से 30 पैसे ज्यादा प्रति यूनिट देनी होगी। इसके साथ ही फिक्स चार्ज को भी 10 रुपए प्रतिमाह बढ़ाया गया है। कंपनी ने 50 यूनिट तक 20 पैसे,150 यूनिट तक 25 पैसे, 300 यूनिट तक 30 पैसे और इससे ज्यादा बिजली खपत पर 20 पैसे प्रति यूनिट बिजली महंगी कर दी है। आयोग ने घरेलू उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत देते हुए स्लैब में बदलाव करते हुए 51-100 यूनिट स्लैब को बदलकर अब 51-150 यूनिट का स्लैब कर दिया है। इनमें बढ़ोतरी नहीं…धार्मिक समारोह, सामाजिक समारोह, वैवाहिक कार्यक्रम मैरिज गार्डन, कार्यक्रमों के लिए अस्थाई कनेक्शन, ई-वाहन, ई रिक्शा चार्जिगं के टेरिफ को नही बढ़ाया गया है। इन्हें थोड़ी राहत…रेस्टोरेंट, होटल, दुकान, सिनेमाघर, मैरिज गार्डन, पेट्रोल पंप जैसे गैर घरेलू उपभोक्ताओं के 50 यूनिट प्रतिमाह खपत पर 10 पैसे प्रति यूनिट की राहत देते हुए चार्ज 6.20 पैसे प्रति यूनिट तय किया गया है। इसके अलावा यदि कोई व्यक्ति स्वंय के लिए मकान का निर्माण करता है तो उसे 8.20 प्रति यूनिट की दर से बिजली दी जाएगी। पहले यह दर 8.30 रूपए प्रति यूनिट थी।

ऋतिक रोशन के नाना मशहूर फिल्मकार ओम प्रकाश का निधन

बॉलीवुड के दिग्गज फिल्मकार और ऋतिक रोशन के नाना जे ओम प्रकाश का 93 वर्ष की उम्र में आज सुबह निधन हो गया है। बॉलीवुड एक्टर दीपक पराशर ने उनके निधन की खबर की जानकारी ट्विटर पर साझा की है। दीपक पराशर ने ट्वीट करते हुए लिखा कि आज मैं बहुत दुखी हूं। मेरे अंकल श्री जे ओम प्रकाश का एक घंटे पहले निधन हो गया। आज वो भी स्वर्ग में अपने दोस्त और मेरे मामा जी मोहन कुमार के पास चले गए। राकेश रोशन से की थी बेटी की शादी….ओम प्रकाश की बेटी पिंकी की शादी ऋतिक रोशन के पिता राकेश रोशन से हुई है। कहा जाता है कि ऋतिक अपने नाना के बेहद करीब थे। बीते दिनों उन्होंने उन्हें एक लग्जरी कार भी गिफ्ट करने के साथ ही उनके जन्मदिन की कुछ खास तस्वीरें अपने इंस्टग्राम पर तस्वीरें साझा की थी।हर फिल्म की शुरुआत ‘अ ‘ सेबता दें कि जे ओम प्रकाश ने बॉलीवुड स्टार राजेश खन्ना के साथ कई सुपरहिट फिल्में दी। जिनमें साल 1974 में आई आप की कसम, 1985 में आई आखिर क्यों? आदि शामिल हैं। उन्होंने जितेंद्र के साथ भी कई फिल्में बनाईं जिनमें अर्पण 1983, आदमी खिलौना है 1993 शामिल हैं। जे ओम प्रकाश सिर्फ निर्देशक नहीं थे बल्कि उन्होंने कई फिल्मों का निर्माण भी किया है जिनमें आई मिलन की बेला, आया सावन झूम के शामिल हैं।

मंत्री श्री शर्मा ने पौधे लगाने का दिया संदेश

जनसंपर्क मंत्री श्री शर्मा ने आज हरियाली महोत्सव अभियान के तहत आराधना, चित्रगुप्त नगर में पौधरोपण किया। इस मौके पर मंत्री श्री शर्मा ने आमजन को अधिक से अधिक पौधे लगाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भोपाल को हरा-भरा बनाना है तो हर व्यक्ति को पौधे लगाने का संकल्प लेकर पौधों का संरक्षण भी करना होगा ।

आमजन के लिये हमेशा खुला है राजभवन : राज्यपाल श्री टंडन

राज्यपाल श्री लालजी टंडन रविवार को राजभवन में समाज के विभिन्न वर्गो के लोगों से मिले और उनकी समस्याओं की जानकारी प्राप्त की। राज्यपाल ने अधिकारियों को राजभवन एवं कार्यालयीन कार्य संबंधी दिशा-निर्देश भी दिए।राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि आमजन के लिए राजभवन के दरवाजे हमेशा खुले हैं। श्री टंडन ने निर्देश दिये कि उनसे जो भी मिलना चाहे, उसे सरलता से मिलने की सुविधा प्रदान करें। उन्होंने कहा कि राजभवन आम जनता के लिए है। राज्यपाल ने निर्देश दिये कि बच्चों और युवाओं के लिये राजभवन अवलोकन की पूर्व व्यवस्था को और अधिक सहज तथा बेहतर बनाने के प्रयास किये जायें।