उद्धव ठाकरे ने की राम मंदिर निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपए देने की घोषणा…


महाराष्ट्र में अपनी सरकार के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे शनिवार को अयोध्या पहुंचे और रामलला के दर्शन किए। दर्शन के बाद उन्होंने कहा की मेरे परिवार के कई लोग यहां आ चुकें हैं पिछले डेढ़ साल में अयोध्या का मेरा ये तीसरा दौरा है और ये मेरे लिए बड़े ही सौभाग्य की बात है जो मुझे यहां आने और रामलला के दर्शनों का मौका मिला हैै। मैं यहां सरयू आरती में भी शामिल होना चाहता था लेकिन कोरोना वायरस की वजह से इसमें शामिल नहीं हो पा रहा हूं। उन्होंने आगे कहा कि रामलला के मंदिर को बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है और मंदिर इतना भव्य बनना चाहिए की पूरी दुनिया देखे। यही नहीं उद्धव ठाकरे ने राम मंदिर निर्माण के लिए एक करोड़ रुपए दान मंे देने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि यह दान राज्य सरकार की तरफ से नहीं, बल्कि मेरे ट्रस्ट से दिया जाएगा। उद्धव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, मैं बीजेपी से अलग हुआ हूं, हिंदुत्व से नहीं। बीजेपी का मतलब हिंदुत्व नहीं है। हिंदुत्व अलग है और बीजेपी अलग है। गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे ने 28 नवंबर को महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन कर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। सीएम बनने के बाद वह पहली बार अयोध्या पहुंचे हैं।

कोरोना के खौफ से इस साल होली नहीं खेलेंगी राखी सावंत…


वाॅलीवुड की आईटम गर्ल और ड्रामा क्वीन के नाम से मशहूर राखी सांवत सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती है। किसी भी मुद्दे पर अपनी बेवाक राय देकर खूब सुर्खिया बटोरने वाली राखी सांवत का फिर एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है लेकिन इसमें राखी किसी ड्रामा- कट्रोवर्सी नहीं बल्कि एक गंभीर मुद्दे पर अपील कर सुर्खियों में है। दरअसल राखी सावंत अपने इस नए वीडियो में काफी उदास नजर आ रही हैं और दुनिया भर में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस को लेकर बात करती दिख रही हैं। राखी वीडियो के जरिए अपने फैन्स को कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए एक उपाय बता रही हैं। यही नहीं राखी ने सभी फैन्स से गुजारिश की है कि वे इस बार होली का त्योहार न मनाएं। राखी सावंत ने वीडियों में कहा है कि सबको कहना चाहती हूं कि इस बार होली न खेलें, क्योंकि होली के कलर्स बॉल्स जो भी हैं वे चीन में बनाए गए हैं। इसलिए आपको नहीं पता कि जिस वक्त वो लोग ये बना रहे थे उस वक्त कोरोना वायरस था या नही। इसलिए इन सबसे दूर रहें, क्योंकि कोरोना वायरस फैलने का डर है। इंडिया एक साल के लिए होली नहीं खेलेगा तो मेरे खयाल से कुछ नहीं होगा। मैं सबकी अच्छी हेल्थ चाहती हूं दोस्तो। आप सब सुरक्षित रहें। इस साल मैं होली नहीं खेलूंगी, और आप लोगों से भी रिक्वेस्ट करती हूं कि प्लीज, इस बार आप लोग भी होली मत खेलना।

मुस्लिम होने के नाते भारत में खुद को सुरक्षित महसूस करता हूंः अदनाम सामी


हर मुद्दे पर मुखरता से बोलने वाले वाॅलीवुड के गायक- कंपोजर अदनान सामी ने इंडिया आईडियाज कॉन्क्लेव 2020 में शिरकत करने के दौरान नागरिकता संशोधन कानून पर बेबाकी से अपनी बात रखते हुए कहा की नागरिकता संशोधन कानून उन लोगों के लिए है जो भारत में नागरिकता चाहते हैं। इस कानूून का भारत में अभी रह रहे लोगांे के साथ कोई लेना देना नहीं है। अदनान ने कहा कि वे एक मुस्लिम होने के नाते भारत में खुद को सुरक्षित महसूस करते है। दरअसल, अदनान से आमिर खान के एक पुराने बयान को लेकर सवाल किया गया था जिसमें आमिर ने कहा था कि उनकी पत्नी ने कहा था कि वो भारत में खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करतीं। वे अपने बच्चों को लेकर देश से कहीं बाहर जाना चाहती थीं। इस सवाल के जवाब में अदनान ने कहा कि भारत में सुरक्षा को लेकर किसी तरह की कोई भी समस्या नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि वो मुस्लिम होने के नाते भारत में पूरी तरह सुरक्षित हैं। अदनान ने सीएए का समर्थन करते हुए ये भी कहा कि मैं ये जरूर कह सकता हूं कि मैंने अपनी आखों से देखा है कि वहां पर मायनॉरिटीज को किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं। मैंने इस्लामाबाद में देखा है कि किस तरह से वहां सोसाइटी दो गुटों में बटी हुई है। मैं एफ सेक्टर में था जहां मैंने देखा की सोसाइटी के उस पार एक स्लम था, मैंने किसी से पूछा कि सोसाइटी के उस पार कौन रहता है तो मुझे बताया गया कि क्रिश्यन कॉम्युनिटी के लोग रहते हैं।
आपकों बता दें कि पाकिस्तानी मूल के सिंगर अदनान सामी ने भारत की नागरिकता ले ली है। कुछ दिनों पहले ही भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री अवॉर्ड से नवाजा है। अदनान सामी की मां जम्मू और कश्मीर की रहने वाली थीं। जबकि उनके पिता एक पाकिस्तानी डिप्लोमैट थे।

निर्भया केस: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की दोषी मुकेश की याचिका


निर्भया गैंगरेप के गुनहगार मुकेश सिंह की एक और याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज हो गई है। उसके द्वारा दी गई सारी दलीलों को निराधार मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि इस याचिका में कोई दम नहीं है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब निर्भया के दोषियों को फांसी का रास्ता खुलता नजर आ रहा है। क्योंकि पुनर्विचार याचिका, क्यूरेटिव पिटीशन और दया याचिका तीनों खारिज होने के बाद उसके पास बस राष्ट्रपति भवन के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का विकल्प बचा था। याचिका खारिज होने के बाद ये आखिरी विकल्प भी खत्म हो गया है। अपना फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमने खुद को संतुष्ट करने के लिए राष्ट्रपति के पास भेजे गए सारे दस्तावेजों को देखा है। गृह मंत्रालय ने सारे दस्तावेज भेजे थे। मुकेश की याचिका में कोई मेरिट नहीं है, जेल में प्रताड़ना दया के लिए कोई आधार नहीं है। फैसला आने के बाद निर्भया की मां ने कहा कि अब मुझे उम्मीद है कि मेरी बेटी को पूरा इंसाफ मिलेगा। मुजरिम कानून का दुरुपयोग कर रहे हैं। फांसी से बचने के लिए मेरी बेटी के गुनहगार तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे है। मगर मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और मुझे उम्मीद है कि दोषियों को एक फरवरी को फांसी हो जाएगी।

निर्भया केसः दया याचिका खरीज हो जाने के बाद फांसी से बचने फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मुकेश

2012 में दिल दहला देने वाले दिल्ली गैंगरेप मामले में दोषी मुकेश कुमार सिंह फांसी से बचने के लिए रोज नए- नए पैंतरे अपना रहा है। निर्भया मामले में फांसी की सजा पाने वाले चार दरिंदो में से एक मुकेश कुमार ने एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर दया की गुहार मांगी है। महेश ने अपनी वकील वृंदा ग्रोवर के जरिए एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। यह जानकारी खुद मुकेश सिंह की वकील वृंदा ग्रोवर ने मीडिया को दी है। इससे पहले दिल्ली की अदालत ने निर्भया के दो दोषियों की याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें दोषियों के वकील ने तिहाड़ जेल से दया याचिका दाखिल करने के लिए जरूरी कागजात देने की मांग कोर्ट से की थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद याचिका खारिज कर दी।
आपको बता दें कि राष्ट्रपति ने इस महीने की शुरुआत में मुकेश की दया याचिका खारिज कर दी थी। अदालत के आदेश के अनुसार, सभी चारों दोषियों को एक फरवरी को सुबह छह बजे फांसी होनी है। गौरतलब है कि पैरा मेडिकल की 23 वर्षीय छात्रा से 16-17 दिसंबर 2012 की मध्यरात्रि को छह लोगों ने चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म किया था और उसे सड़क पर फेंक दिया था। उसे इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया था जहां उसने दम तोड़ दिया।

मध्यप्रदेश के स्कूलों में संविधान पाठ अनिवार्य, सरकार ने जारी किए आदेश…

भोपाल। पूरे देश में सीएए को लेकर हो रहे बवाल और हंगामे के बीच मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के सभी शासकीय स्कूलों में अध्यनरत बच्चों को संविधान का पाठ पढ़ाने का निर्णय लिया है। मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबध में बुधवार को आदेश जारी कर दिए है। इस आदेश के जारी होने के बाद अब राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में हर सप्ताह के आखिरी दिन यानी शनिवार को बच्चों के बीच संविधान पर चर्चा कराई जाएगी और संविधान की प्रस्तावना का पाठ कराने के साथ ही उनको संविधान के बारे में अलग से जानकारी दी जाएगी जिससे छात्रों को उनके मौलिक अधिकारों ओर कर्तव्यों के बारे में पता चल सके।इस संबंध में कमलनाथ सरकार का तर्क है कि स्कूलों में संविधान का पाठ इसलिए कराया जाएगा ताकि बच्चेे देश की संवैधानिक व्यवस्था को अच्छी तरह से समझ सकें उन्हें अपने संविधान के बारे में सही जानकारी मिल सके वे अपने मौलिक अधिकार और कर्तव्यों को जान सकें जिससे वह आगे चलकर देश के संविधान का मान रख सकें।

सीएए पर रोक से सुप्रीम कोर्ट की ना.

देश की सर्वोच्च अदालत ने नागरिकता संशोधन कानून यानी सीएए पर रोक लगाने से फिलहाल साफ मना कर दिया है….. इस मामले में याचिका दायर करने वालों के लिए राहत की बात सिर्फ इतनी हो सकती है कि सुप्रीम कोर्ट ने सीएए पर केंद्र सरकार से चार एक माह के भीतर जवाब पेश करने को कहा है। 140 से भी ज्यादा याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि फिलहाल इस कानून पर रोक लगाने का कोई कारण नजर नहीं आता और इस मामले में सिर्फ पांच जजों की संविधान पीठ ही अंतरिम राहत दे सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने इसके साथ ही सीएए के खिलाफ हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई पर भी रोक लगा दी है. असम और त्रिपुरा के मामलों को सुप्रीम कोर्ट ने अलग किया.
सुनवाई मंे अपना पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा, पहले ये तय हो कि इसे संविधान पीठ भेजा जाना है या नहीं। हम रोक नहीं मांग रहे लेकिन इस प्रक्रिया को तीन हफ्ते के लिए टाला जा सकता है। मनु सिंघवी ने कहा, नागरिकता देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. यूपी में 30 हजार लोग चुने गए हैं. फिर कपिल सिब्बल बोले, इसी मुद्दे पर जल्द फरवरी में कोई तारीख सुनवाई के लिए तय हो।
सीजेआई ने कहा, फिलहाल हम सरकार को प्रोविजनल नागरिकता देने के लिए कह सकते हैं. हम एकपक्षीय तौर पर रोक नहीं लगा सकते। अटार्नी जनरल ने कहा, अगर ये लोग इस तरह रोक चाहते हैं तो अलग से याचिका दाखिल करें. याचिकाकर्ता ने कहा, बंगाल और असम विशिष्ट राज्य हैं. सुनवाई आज ही शुरू हो. असम में बांग्लादेशियों का मुद्दा है. इनमें आधे बांग्लादेश से आने वाले हिंदु हैं और आधे मुस्लिम. असम में 40 लाख बांग्लादेशी हैं. इस कानून के तहत आधे ही लोगों को नागरिकता मिलेगी. ये पूरी डेमोग्राफी को बदल देगा. इसलिए सरकार को फिलहाल कदम उठाने से रोका जाना चाहिए।

मध्य प्रदेश में 15 जनवरी से यूनिवर्सल ड्राइविंग लाइसेंस दिए जाएंगे

आगामी 15 जनवरी से परिवहन विभाग द्वारा यूनिवर्सल ड्राइविंग लाइसेंस कार्ड उपलब्ध करवाया जाने लगेगा। इसमें संबंधित व्यक्ति के बारे में 12 से ज्यादा व्यक्तिगत जानकारियां होंगी, जिन्हें स्मार्ट कार्ड में स्ट्रिप के जरिए बारकोड के भीतर रखा जाएगा। इससे हर कोई बारकोड से छेड़छाड़ नहीं कर सकेगा। जरूरत के दौरान ही संबंधित एजेंसी उस बारकोड के जरिए जानकारी जुटा सकेगी। परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का कहना है कि सरकार ने यूनिवर्सल कार्ड बनाने की अनुमति दे दी है। इसका बजट जारी होते ही नए साल में लोगों को ये लाइसेंस दिए जाने लगेंगे। ट्रांसपोर्ट कमिश्नर बी. मधु कुमार का कहना है कि साल के अंत तक बची हुई औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी, जिससे नए साल में कार्ड बनाया जा सके। लाइसेंस पर आधार नंबर, ब्लड ग्रुप, ऑर्गन डोनेशन, आइडेंटिफिकेशन मार्क्स, बीमा, वाहन का प्रकार, ईंधन का प्रकार, नाम जैसी जानकारियां मुख्य रूप से शामिल की जाएंगी। वर्तमान में दिए जा रहे कार्ड पर चुनिंदा जानकारियां ही शामिल रहती हैं। नए कार्ड से सबसे ज्यादा आसानी सुरक्षा एजेंसियों को होगी। वे मशीन के जरिए आसानी से बार कोड के माध्यम से जरूरी जानकारी स्कैन कर उसका उपयोग कर सकेंगी। बारकोड के साथ ही कार्ड में स्मार्ट चिप का उपयोग भी किया जाएगा। किसी कारण यदि बारकोड काम नहीं करता, तो स्मार्ट चिप के माध्यम से डाटा को देखकर उसका उपयोग हो सकेगा। राज्यों के ड्राइविंग लाइसेंस फॉर्मेट अलग होने के कारण पैदा होने वाली दिक्कतों से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने पूरे देश में एक जैसा ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का फैसला लिया है। इसके लिए पूरे देश में एक समान ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) का नियम बनाया गया है। यह नया नियम 1 अक्टूबर 2019 से देश में लागू हो चुके हैं।

भारत के नए नक्शे पर तिलमिलाया पाकिस्तान…

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के अलग केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद भारत सरकार द्वारा जारी किए गये देश के नए नक्शे को लेकर पाकिस्तान तिलमिला गया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा कि पाकिस्तान, गिलगिट-बाल्टिस्तान और उसके कब्जे के कश्मीर के अन्य हिस्सों को भारतीय अधिकार क्षेत्र में दिखाने वाले जम्मू-कश्मीर के नए राजनीतिक मानचित्र को पूरी तरह खारिज करता है। भारत द्वारा जारी किया गया मानचित्र गलत, कानूनी रूप से अवैध और अमान्य है और यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्तावों का पूरी तरह से उल्लंघन है। पाकिस्तान ने अपने बयान में कहा कि भारत की ओर से उठाया गया कोई भी कदम जम्मू-कश्मीर की विवादित स्थिति को बदल नहीं सकता जिसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा मान्यता प्राप्त है। पाकिस्तान कश्मीर के लोगों के संघर्ष को अपना समर्थन देना जारी रखेगा। 
गौरतलब है कि भारत सरकार द्वारा जारी किए गए जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के नए नक्शे में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के मीरपुर और मुजफ्फाराबाद जिलों को नए केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का हिस्सा दर्शाया गया है। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में इन दोनों जिलों को मिलाकर कुल जिलों की संख्या 22 होगी। पाकिस्तान के कब्जे वाले दोनों जिलों के अलावा कुपवाड़ा, बांदीपोरा, बारामूला, पुंछ, बड़गाम, कुलगाम, शोपियां, किश्तवाड़, उधमपुर, डोडा, सांबा, जम्मू, कठुआ, रामबन, राजौरी, अनंतनाग, पुलवामा, श्रीनगर, रियासी और गंदेरबल जिले जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के अन्य जिले होंगे। गौरतलब है कि मीरपुर और मुजफ्फराबाद को भारत हमेशा अपना भाग बताता रहा है।

रेल्वे नें लांच किया सहयात्री ऐप, अब चलती ट्रेन में भी दर्ज होगी एफआईआर…

ट्रेन में सफर के दौरान आपके साथ चोरी, छीना झपटी या कोई अन्य वारदात होती है तो अब आप बिना ट्रेन को रोके अपने मोबाईल से हीं ऐप की मदद लेकर चलती ट्रेन में भी एफआईआर दर्ज करा सकेंगे। रेल में यात्रा करने वालें करोड़ो यात्रियों की परेशानी और उनके जान- माल की सुरक्षा को देखते हुए केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में बृहस्पतिवार शाम को जीआरपी की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.रेलवेज.दिल्लीपुलिस.जीओवी.इन और मोबाइल ऐप सहयात्री लांच की। इस वेबसाइट के जरिये आप ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने के साथ ही अपनी शिकायत व सुझाव भी ऐप के जरिये दे सकेंगे।
फिलहाल यह व्यवस्था यूपी व दिल्ली में शुरू हो गई है। जल्द ही ये व्यवस्था जल्द ही पूरे देश में लागू होगी। जीआरपी की वेबसाइट से लोगों को रेलवे संबंधी जानकारी के अलावा रेलवे में होने वाले अपराध की जानकारी भी मिलेगी। वेबसाइट में दस वर्ष का डाटा होगा। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि अब ट्रेन में किसी भी समय और कहीं से भी ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करवाई जा सकेगी। इसका उद्देश्य रेल यात्रा को सुरक्षित बनाना है। यह वेबसाईट जीआरपी के लिए निश्चित तौर पर उपयोगी साबित होगी इसकी मदद से रेलवे के क्षेत्र में होने वाले अपराधों के डाटा को भी देखा जा सकेगा साथ हीं बदमाश और बच्चा चोरी करने वाले बदमाशों की तस्वीर आदि सभी राज्यों के जीआरपी को एक साथ मिल सकेगी। किसी भी दुर्घटना व घटना की जानकारी सभी राज्यों की जीआरपी को एक साथ दी जा सकेगी। इससे सभी राज्यों की जीआरपी एक साथ अलर्ट हो जाएंगी।