काॅरपोरेट टैक्स पर छूट की घोषणा से झूमा बाजार, निवेशक मालामाल…

अर्थव्यवस्था को लेकर विवादों का सामना कर रही मोदी सरकार ने एक बार फिर मास्टर स्ट्रोक खेला है। भारत कीे अर्थव्यवस्था को तेज और बेहतर बनाने के लिए सरकार ने दीवाली से पहले ही काॅरपोरेट सेक्टर को एक के बाद एक कई बड़े तोहफे दिए है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को जीएसटी काउंसिल की बैठक से पहले बताया कि घरेलू कंपनियों और नई मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए अध्यादेश के जरिए कॉर्पोरेट टैक्स घटाया गया है। घरेलू कंपनियां अन्य कोई छूट नहीं लेती हैं तो उन्हें सिर्फ 22 प्रतिशत टैक्स देना होगा। सरचार्ज और सेस मिलाकर प्रभावी टैक्स दर 25.17 प्रतिशत होगी। कॉर्पोरेट टैक्स की दर पहले 30 प्रतिशत थी। सेस और सरचार्ज मिलाकर 34.94 प्रतिशत टैक्स लगता था। यानी नई दरों के मुताबिक कंपनियों की टैक्स देनदारी करीब 10 प्रतिशत घट जाएगी। इससे सरकार पर 1.45 लाख करोड़ का बोझ पड़ेगा। ‘मेक इन इंडिया’ को गति देने के लिए एक अक्टूबर के बाद बनी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों पर सिर्फ 15प्रतिशत टैक्स लगेगा। इसके लिए आयकर विभाग में प्रावधान किया गया है। शेयरों की बिक्री से कैपिटल गेन पर सरचार्ज बढ़ोतरी लागू नहीं होगी। जिन कंपनियों ने 5 जुलाई से पहले शेयर बायबैक की घोषणा की थी, उन पर भी टैक्स नहीं लगेगा। बजट में यह ऐलान किया गया था।
सरकार के इन ऐलानों से बाजार में 2284 अंक का उछाल आया। कारोबार के दौरान शेयर बाजार में जो तेजी आई वह अब तक की सबसे बड़ी तेजी है। अंत में सेंसेक्स 1921 अंक उछलकर 38,014 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 569 अंक की तेजी के साथ 11,274 पर रहा। इससे निवेशकों ंको 7 लाख करोड़ का फायदा हुआ।  सरकार के दिए इन तोहफों की वजह से शेयर बाजार ने इतिहास की सबसे बड़ी बढ़त  हासिल की।